.""किन्नर देश में"" राहुल सांकृत्यायन का एक प्रसिद्ध यात्रा-वृत्तांत है, जिसमें उन्होंने तिब्बत और नेपाल के किन्नर (हिजड़ा) समाज के बारे में विस्तार से लिखा है। यह पुस्तक लेखक के गहरे सामाजिक अवलोकन, मानवता, और संस्कृति के प्रति उनकी संवेदनशीलता को उजागर करती है। राहुल सांकृत्यायन ने इस यात्रा के दौरान किन्नर समाज की रहन-सहन, रीति-रिवाजों और उनकी सामाजिक स्थिति पर विचार किया। वह इस समाज को न केवल एक अलग जीवनशैली के रूप में देखते हैं, बल्कि इसे सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण मानते हैं। पुस्तक में सांकृत्यायन ने किन्नरों की सामाजिक असमानता, उनके साथ होने वाले भेदभाव, और उनके संघर्षों को गंभीरता से चित्रित किया है। साथ ही, उन्होंने इस समुदाय के प्रति समाज के रवैये को बदलने की आवश्यकता पर जोर दिया है। लेखक ने किन्नर समाज को सामान्य मानवीय दृष्टिकोण से देखने का आग्रह किया है, ताकि समाज में समानता और सहानुभूति का माहौल बने। यह पुस्तक न केवल एक यात्रा-वृत्तांत है, बल्कि किन्नर समाज के प्रति संवेदनशीलता और समानता की ओर एक महत्वपूर्ण कदम भी है।